अम्बिकापुर वासियों को 24 घंटे पानी की सुविधा शीघ्र स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने किया कतकालों फिल्टर प्लांट का बटन दबाकर ट्रायल अम्बिकापुर के पचपेड़ी क्षेत्र में टंकी को मिली मंजूरी

अम्बिकापुर 10 मई 2020/ छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री टीएस सिंहदेव ने आज मिशन अमृत के तहत ग्राम कतकालों में निर्मित फिल्टर प्लांट का बटन दबाकर ट्रायल किया। उन्होंने इस दौरान फिल्टर प्लांट के विभिन्न भागों का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की और यहां से शीघ्र 24 घंटे पानी की आपूर्ति करने के निर्देश दिए। श्री सिंहदेव ने कहा कि इस फिल्टर प्लांट के प्रारंभ होने से अम्बिकापुर वासियों को पेयजल की समस्या नहीं रहेगी तथा उन्हें 24 घंटे पानी मिलेगा। उन्होंने बताया कि जल संचय की आवश्यकता को देखते हुए पचपेड़ी क्षेत्र में एक और टंकी के निर्माण हेतु मंजूरी मिल गई है और इसका काम भी शीघ्र होगा।


मंत्री श्री सिंहदेव ने कहा कि नगर निगम तथा जनप्रतिनिधियों के प्रयास का प्रतिफल है कि अम्बिकापुर को मिशन अमृत के तहत 106 करोड़ की लागत से प्रदेश का पहला आटोमेटिक फिल्टर प्लांट मिल रहा है। यह प्लांट लमेला तकनीक पर आधारित है जो पूरी तरह से आटोमेटिक है। इसके संचालन के लिए कम से कम मैनपावर की जरूरत होती है। इस फिल्टर प्लांट से ढाई लाख लीटर प्रति घंटा पानी का शुद्धिकरण होगा। उन्होंने शहर की आबादी बढ़ने पर पेयजल की व्यवस्था इस फिल्टर प्लांट से किस प्रकार होगी इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में फिल्टर प्लाट के पास 65 लाख लीटर की टंकी बना हुआ है जिसे प्रतिदिन दो बार भरना है। इससे करीब एक करोड़ 12 लाख लीटर पानी प्रतिदिन आपूर्ति की जाएगी। भविष्य में पानी की आवश्यकता अधिक होने पर इसी प्लांट में अतिरिक्त विस्तार भी किया जा सकेगा। फिल्टर प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस है। इसकी संपूर्ण संचालन पूरी तरह से आटोमेटिक है। एक ऑपरेटर के द्वारा ही सभी गतिविधियां नियंत्रित की जा सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट का शोधन क्षमता डेढ करोड़ प्रतिदिन है लेकिन वर्तमान में 65 लाख लीटर प्रतिदिन जल का शोधन करेगा। उन्होंने बताया कि घुनघुट्टा डेम से पानी लाने तथा फिल्टर करने में बहुत कम ऊर्जा खपत होगी इसलिए उपभोक्ताओं को कम लागत पर ही पेयजल उपलब्ध होगी। यह प्लांट जीरो वेस्टेज तकनीक पर आधारित है जिससे पानी शोधन के दौरान कुछ भी वेस्ट नहीं होगा। पानी शोधन के पश्चात अवशेष को खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि मिशन अमृत के तहत कतकालो ग्राम में 106 करोड़ की लागत से तेजस कंस्ट्रक्शन एण्ड इंस्फ्राट्रचर प्राईवेट लिमिटेड पुणे द्वारा आधुनिक तकनीक पर आधारित पूरी तरह आटोमेटिक 15 एमएलडी क्षमता का जल शोधन सयंत्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। कम्पनी द्वारा पांच वर्ष तक संचालन एवं मेटनेस का कार्य किया जाएगा। इसके ट्रायल भी आज किया गया। पाईप लाईनों की सफाई का काम चल रहा है। सफाई कार्य पूर्ण होते ही यहां से पानी सप्लाई प्रारंभ हो जाएगा।
इस दौरान महापौर डॉ. अजय तिर्की, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री राकेश गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि श्री बालकृष्ण पाठक, पार्षद श्री द्वितेन्द्र मिश्रा, नगर निगम आयुक्त श्री हरेश मण्डावी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।